SPECIAL CBM BID ROUND - 2026
Bid Submission Closing Date for OALP Bid Round X extended till 18.02.2026 (1200 hrs IST)
Bid Submission Closing Date for DSF Bid Round IV extended till 18.02.2026 (1200 hrs IST)
Bid Submission Closing Date for SPECIAL CBM BID ROUND - 2025 extended till 18.02.2026 (1200 hrs IST)
PNG Rules Amendment, 2025
Formats of the PNG Rules, 2025 (docx)
India's Hydrocarbon Outlook 2024-25
The Oilfields (Regulation and Development) Act, 1948 (with 2025 amendment)
UrjaVarta-2025
India's Hydrocarbon Outlook 2023-24
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डी.जी.एच.) की स्थापना भारत सरकार के संकल्प द्वारा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन 8 अप्रैल 1993 को हुई | डी.जी.एच. की स्थापना का उद्देश्य पर्यावरण, सुरक्षा, पेट्रोलियम गतिविधियों के तकनीकी, और आर्थिक पहलुओं में संतुलन बनाए रखते हुए तेल और प्राकृतिक गैस संसाधनों के कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देना है ।
डी.जी.एच.को कई जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जैसे – नई अन्वेषण लाइसेंस नीति (नेल्प) का क्रियान्वयन, खोजे गये क्षेत्रों और अन्वेषण ब्लॉकों के लिये उत्पादन भागीदारी संविदाओं (पी.एस.सी.) से सम्बन्धित मामले, अन्वेषण एवं उत्पादन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना, उत्पादन क्षेत्रों के आगारों (रिज़रवायर) की उत्पादकता की समीक्षा तथा इस क्षेत्र के कार्यकलापों को मानीटर करना | इसके अतिरिक्त, डी.जी.एच. भावी अन्वेषणों के लिये नए गैर अन्वेषित क्षेत्रों को प्रस्तावित करने और गैर-परंपरागत हाइड्रोकार्बन ऊर्जा संसाधनों, जैसे – कोल बेड मीथेन (सी.बी.एम.) तथा गैस हाइड्रेट्स और तेल शेल जैसे हाईड्रोकार्बन ऊर्जा स्त्रोंतों को विकसित करने सम्बन्धी कार्य करता है |